मेसोपोटामिया की सभ्यता 

मेसोपोटामिया की सभ्यता iraq

मेसोपोटामिया की सभ्यता 

मेसोपोटामिया नाम यूनानी भाषा के 2 शब्दों मैसोस (mesos) यानी मध्य और पोटामौस(potamos) यानी नदी से मिलकर बना है और मेसोपोटामिया आज के समय एक देश है जो इराक में स्थित है और दो नदियां दजला और फरात नदियों के बीच में स्थित है 1850 ईस्वी मैं rowlinson नामक अंग्रेज ने ईरान में एक ऊंचे पर्वत पर एक प्राचीन शिलालेख खोजा जो एक फारसी राजा देसी अस द्वारा लिखा गया था उस पर बेबीलोनिया भाषा का प्रयोग किया गया था और rowlinson ने उसे पड़ा उसके बाद अन्य साहित्य को पढ़कर समझने में आसानी हो गई और इसलिए सुमेरियन बेबीलोनिया असीरियन आदि मेसोपोटामिया की प्रमुख सभ्यता बनी इन सब बताओ के बारे में कहा जाता है कि सुमेरियन ने सभ्यता को जन्म दिया बेबी लोन ने उसे चरम सीमा पर पहुंचाया और अंत असीरिया ने उसे ग्रहण किया।

मेसोपोटामिया की भौगोलिक दशा

इराक मैं कई प्रकार की भौगोलिक विविधता पाई जाती है इसकी पूरी भाग में ऊंचे और नीचे दोनों प्रकार के मैदान पाए जाते हैं जो धीरे धीरे वि वृक्षाच्छादित पर्वत श्रंखला के रूप में फैलते जा रहे है यहां पर अधिक मात्रा में साफ झरने हैं इन का पानी स्पष्ट रूप में दिखाई पड़ता है व यहां जंगली किस्म के फूल पाए जाते हैं यहां पर हुई वर्षा से अच्छी फसल हो जाती है मेसोपोटामिया में खेती की शुरुआत 7000 से 6000 ईस्वी पूर्व के मध्य शुरू की गई थी इसके उत्तर में स्थित भूमि ऊंची है जहां स्टेपी घास के मैदान हैं यहां पर सर्दियों में वर्षा के दौरान होने वाली छोटी छोटी झाड़ियों और घास को खाकर गीर गाय बकरी आदि अन्य जानवर यहां पर पशुपालन खेती की तुलना में आजिविका का अधिक अच्छा साधन है यहां के पूर्व में दजला की सहायक नदियां वहां के पहाड़ी प्रदेशों में जाने के लिए परिवहन का अच्छा साधन है यहां पर स्थित एक रेगिस्तान है जहां नगरों और लेखन प्रणाली का प्रादुर्भाव हुआ मेसोपोटामिया में स्थित दजला व फरात नदियां उत्तर से पहाड़ों में निकलकर अपने साथ उपजाऊ बारिक मिट्टी लाती रहती है यहां नदियों में अत्यधिक पानी आने के कारण में बाढ़ आ जाती है तो फिर इस के पानी को सिंचाई के लिए खेतों में ले जाया जाता है और खेतों में पानी के साथ साथ वहां पर उपजाऊ मिट्टी भी जमा हो जाती है इसके कारण वहां पर फसल अच्छी व अत्यधिक मात्रा में पैदा होती है।

 लेखन कला का विकास

लेखन कला की शुरुआत सबसे पहले मेसोपोटामिया से ही हुई है वहां पर भी कला की जरूरत वहां के लोगों द्वारा अपने आपस के शहरी जीवन में लेनदेन का स्थाई हिसाब किताब रहने में पड़े वहां पर लेनदेन आदि चीजों अलग-अलग समय पर होते थे वहां के लोग मिट्टी की पट्टी पर लिखते थे लिखने वाला व्यक्ति चिकनी की मिट्टी को गीला करता था और फिर उसे गूंध कर और थापकर एक ऐसी पट्टी के आकार देता था जिसे वह आसानी से अपने हाथ में पकड़ सके और उन पट्टिकाओ को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता था इसलिए उन्हें बनाने में यह सख्त ध्यान रहा जाता था कि वह पकड़ने में हल्की हो और फिर उन पटिट्काओ की सतहो को सावधानीपूर्वक चिकना बना लेते थे फिर उसके बाद सरकंडे की तिल्ली की नोक से वे उसकी नरम चिकनी सतहो पर कीलाकार चिन्ह(cuniform word) बना देते हैं क्यूनिफार्मा लातिनी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ क्यूनी यानी खूंटी और फोम यानी आकार शब्द कहलाता है उसके बाद जब यह सभी मिट्टी की पट्टिकाएँ धूप मैं सूख जाती थी उसके बाद वह एक तरह मिट्टी के बर्तनों की तरह सख्त हो जाती थी जब एक बार यह सूख जाती थी उसके बाद उन पट्टीकाओ पर कोई चिन्ह या किसी भी प्रकार का अक्षर नही बनाया जा सकता था और जब कभी भी किसी भी समय पर लिखने की जरूरत पडती तो उस वक्त एक नई पट्टिका की जरूरत पढ़ती थी उसके बाद जब भी कोई भी हिसाब किताब असंगत या गैर जरूरी हो जाता था तो फिर उसके बाद उन पट्टिकाओ को किसी भी काम में नहीं लिया जाता था फिर उन पट्टिकाओ को फेक दिया जाता था और इस प्रकार मेसोपोटामिया में लेखन कला कि शुरुआत की गई थी क्योंकि वहां पर खुदाई के दौरान हजारों की संख्या में वहां पर पट्टिकाएँ मिली थी वे पट्टिकाएँ लगभग लगभग 3200 ईसवी पूर्व की है और उन पट्टिकाओं पर कई तरह के शब्द अक्षर और चिन्ह मिले हैं जो शब्दों में कीलाकार है और उनकी भाषा सुमेरियन है।

मेसोपोटामिया द्वारा विश्व को लेखन कला की देन

विश्व को मेसोपोटामिया की सबसे बड़ी देन उसकी कालगणना और गणित की विद्वतापूर्ण परंपरा है।
1} वहां पर 1800 ईस्वी पूर्व के आसपास कि कुछ पट्टिकाएँ मिली इनमें गुणा और भाग की तालिकाएँ वर्ग तथा वर्गमूल और चक्रवृद्धि ब्याज की सारणीयाँ दी गई है उनमें दो का वर्गमूल का मान दिया गया है वह लगभग 2 के वास्तविक वर्गमूल के मान से थोड़ा ही भिन्न है।
2} वहां के लोग सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रहण आदि घटित होने का पूरा हिसाब किताब रखते थे।
3} लोगों ने पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की परिक्रमा के अनुसार एक वर्ष को 12 महीना के विभाजन मैं और 1 महीने का हफ्ते में विभाजन 1 दिन का 24 घंटे में और 1 घंटे का 60 मिनट में विभाजन किया।

 

Written BY Tapish kuntal (Student)

Bharatpur Rajasthan

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4 thoughts on “मेसोपोटामिया की सभ्यता 

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